श्री दावड़ा यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय संगोष्ठी भव्य रूप से संपन्न, वैश्विक चुनौतियों पर हुआ गहन मंथन

श्री दावड़ा यूनिवर्सिटी, रायपुर में “Interdisciplinary Approaches to Global Challenges” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न, जिसमें विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

श्री दावड़ा यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय संगोष्ठी भव्य रूप से संपन्न, वैश्विक चुनौतियों पर हुआ गहन मंथन

Shri Davara University के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय द्वारा 2 मई 2026 को आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “Interdisciplinary Approaches to Global Challenges” विषय पर सफलतापूर्वक एवं भव्य रूप से संपन्न हुई। यह आयोजन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस संगोष्ठी का आयोजन माननीय CEO एवं डायरेक्टर जनरल के प्रेरणादायक मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा को और बढ़ाया। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर वैश्विक चुनौतियों पर बहुआयामी दृष्टिकोण से विचार-विमर्श करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय स्थिरता, पब्लिक हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, मानव संसाधन प्रबंधन, वित्तीय समावेशन, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं शिक्षा नीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। वक्ताओं ने वर्तमान समय की जटिल समस्याओं के समाधान हेतु नवाचार, तकनीकी विकास और अंतर्विषयक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

संगोष्ठी के सफल आयोजन में डॉ. मनीषा पांडेय के नेतृत्व और अथक प्रयासों की विशेष भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में पूरे कार्यक्रम का संचालन सुचारु रूप से हुआ। साथ ही डॉ. अनीता भोई, सुशोभिता सिंह, श्यामली नायडू, पार्वती नायर, विजया वैष्णव, डॉ. शुभम यादव, याग्वेन्द्र सिंह सहित अन्य संकाय सदस्यों का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।

इस अवसर पर प्रॉ-वाइस चांसलर डॉ. वरुण गंजिर एवं डिप्टी रजिस्ट्रार विपिन श्रीवास्तव का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा। तकनीकी व्यवस्थाओं में नितेश सिंह द्वारा साउंड सिस्टम एवं प्रोजेक्टर का उत्कृष्ट संचालन किया गया, वहीं बुशरा द्वारा मंच संचालन प्रभावशाली एवं आत्मविश्वासपूर्ण रहा।

इस संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने अनुशासन, उत्साह एवं समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, जो अत्यंत प्रशंसनीय रहा। प्रस्तुत शोध पत्रों को सराहा गया तथा चयनित शोध पत्रों को ISBN युक्त प्रोसीडिंग्स में प्रकाशित किए जाने एवं उत्कृष्ट कार्यों को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई।

आयोजकों के अनुसार, यह संगोष्ठी न केवल शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई दिशा देने में सफल रही, बल्कि प्रतिभागियों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान का एक प्रभावी मंच भी साबित हुई। इस सफल आयोजन का श्रेय पूरे विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास, समर्पण और नेतृत्व के मार्गदर्शन को दिया गया।